पाठशाला की भौगोलिक स्थिति:-
पाठशाला की भौगोलिक स्थिति:-
नालागढ शहर नौ वार्डों
में बसा है शहर की जनसंख्या 70000 के करीब है |इसके समीप पूर्व में गांव टिक्कर पनोह,सेरी,रख और पश्चिम में दत्तोवाल,रदडियाली तथा उत्तर में
चुहुवाल,घनसोत,सौडी दक्षिण में
किरपाल्पुर,डाडी भोल आदि गांव पढ़्ते हैं| इन गावों से छठी से बारहवीं
तक लगभग 600 छात्र
शिक्षा ग्रहण करने आते हैं|
भवन:-
इस पाठाशाला की स्थापना
सन 1856 में नालागढ रियासत के राजा ईश्वरी
सिंह ने की। सन 1914 में इसे माध्यमिक व 1921 में उच्च
पाठशाला का दर्जा मिला। पह्ले इस पाठशाला का नाम ईश्वरी सिंह हाई स्कूल था ।1960 में इसका
नाम बदल कर राजकीय उच्च पाठशाला रखा गया। 1986 में यह पाठशाला
वरिष्ठ माध्यामिक स्तरोन्ंत हुई।
परिसर:-
पाठशाला का परिसर लग्भग 18
बीघे में फैला हुआ है। चारों ओर चारदीवारी
बनी हुई है।
मुख्या पेशा:-
नजदीकी गांव के लोगों का
मुख्या पेशा दुकान दारी सरकारी नौकरी,प्राईवेट
नौकरी व मजदूरी है ।सर्व शिक्षा अभियान के अंतगर्त पीछड़े वर्ग के अशिक्षित व गरीब
लोगों के बच्चों को सरकरी पाठशाला में लाने के लिये हमारा स्कूल निरंतर प्रयासरत है।
नया भवन:-
अम्बुजा सिमेंट कम्पनी ने
लगभग साढ़े तीन करोड की लागत से शीतला माता मन्दिर के समीप नया भवन बनाया है
और 18 अक्तूबर 2012 को नये भवन में प्रवेश किया गया।इस नये भवन में छात्रों के
लिये सभी तरह की सुविधायें उपलब्ध हैं ।
साईंस बलॉक : 17 जुलाई 2014 को मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र जी ने एक करोड की लागत से
बनने वाले विज्ञान भवन का शिलान्यास किया और
लोक निर्माण विभाग ने इस भवन का निर्माण कार्य शुरु करवा दिया है ।
v इस पाठशाला में एक मल्टी मिडिया लैब भी है जिसमें स्कूल के छात्रों
के साथ बाहर के इच्छुक छात्र भी कम्पयुटर की शिक्षा ग्रहण करते है ।
v इस पाठशाला में सत्र 2013-14 से ITE’S और Automotive वोकेशनल शिक्षा शुरु की गई है ।
v इस पाठशाला में 2014 से नवीं व दसवीं के लिये Financial
Literacy का कोर्स शुरु किया गया है ।
v इस पाठाशाला में NCC, NSS और Scouts
and Guides के युनिट भी हैं जो स्कूल की हर तरह की गतिविधियों जैसे अनुशासन ,साफ –सफाई , जागरुक्ता रैली आदि में पूरा सत्र अपना
योगदान देते है ।
Modern History of Nalagarh:-
Nalagarh (also known as Hindur or Nawalgarh) is a city and a municipal committee in Solan District in the Indian State of Himachal Pradesh. It was the seat of the eponymous princely state during the British Raj, and known in medieval period as the state of Hindur. It was founded by the Chandella Rajputs in 1100 AD. At present Nalagarh is an emerging town for industries as it hosts production units for leather, steel, chemicals, thread mills and breweries; thus air pollution is quite a concern here. It is situated at 65 km distance from nearby major city Chandigarh.
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